शायद मैं इसीलिए पीछे हूं मुझे होशियारी नही आती। बेशक लोग ना समझे मेरी वफादारी म…
मुझको छोड़ने की बजह तो बता जाते , तुम मुझसे बेज़ार थे या हम जैसे हज़ार…
जिस शख़्स की... ग़लती- "ग़लती'' न लगे। किताब-ए-इश्क़ में इसे... "…
हम भी माचिस की तीली जैसे थे, जिस के हुऐ बस इक बार हुऐ । >>>>>>…
बेच दू क्या सारी परेशानियों को, मौत अच्छा दाम दे रही है । >>>>>&…
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